विशेष
कश्मीर जल रहा है?: पहले उन्हें अपना तो समझें

कश्मीर जल रहा है?: पहले उन्हें अपना तो समझें

कश्मीर को समझने के लिए, उसकी समस्या को समझने के लिए पहले कश्मीरियों को समझना होगा। उनकी आकांक्षाओं को समझना होगा। मुश्किल यह है कि हम समस्या को…

कश्मीरः उम्मीद की आरजू में

कश्मीरः उम्मीद की आरजू में

क्या कश्मीर समस्या के समाधान के लिए कोई उम्मीद है? क्या हम ऐसी स्थिति की परिकल्पना कर सकते हैं जिसमें भारतविरोधी भावनाओं की जगह भारतीय राष्ट्र के साथ…

कश्मीर: पीड़ा को समझना ज़रूरी है

कश्मीर: पीड़ा को समझना ज़रूरी है

जब 26 ऑक्टोबर 1947 को कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरिसिंह ने मजबूरी के चलते भारत के साथ विलय के दस्तावेजों पर दस्तखत किये तबसे ही कश्मीर पर भारत…

कश्मीर समस्या: इतिहास, अतीत और अनिश्चिता के झरोखे से

कश्मीर समस्या: इतिहास, अतीत और अनिश्चिता के झरोखे से

निदा नवाज उन चुनिन्दा लेखको में से एक हैं जो ”इंसान के रूहानी दर्द” को कागज पर उकेरना जानते हैं।’’ निदा नवाज की ‘सिसकियां लेता स्वर्ग’ डायरी के…

क्यों उबल रहा है कश्मीर? ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि

क्यों उबल रहा है कश्मीर? ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि

कश्मीर के इतिहास को जाने बगैर शायद हम कश्मीर की समस्या को नहीं समझ सकते। अब तक हम पाकिस्तान, फौज, आतंकवाद और युद्ध के जरिये ही कश्मीर की…

तफसरा

अम्बेडकर, मार्क्स और हीगल: जातिविहीन समाज की सम्भावना

-करोड़ी सिंह करोड़ी सिंह मानते हैं कि भीमराव अम्बेडकर ने भारत में जातिविहीन समाज की…

राजनैतिक दर्शन के अभाव में भटके भारत के किसान आन्दोलन

इस वर्ष महान ऑक्टोबर क्रांति के 100 वर्ष हो रहे हैं। सोवियत संघ की इस…

आभास की आजादी बनाम आजादी की आभास

आभास की आजादी बनाम आजादी की आभास

पूंजीवादी जनवाद मनुष्य को स्वतंत्रता की एक आभासी दुनिया में ले जाता है और शनैः…

बाबा साहब अम्बेडकर एवं हिन्दुत्व टोली

बाबा साहब अम्बेडकर एवं हिन्दुत्व टोली

इतिहास के पुनर्लेखन का काम जोर-शोर से चल रहा है। इतिहास के इस पुनर्लेखन को…

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में ‘असहिष्णुता’

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में ‘असहिष्णुता’

‘असहिष्णुता’ 2015 का काफी चर्चित शब्द रहा, और हर मंच पर इसका भरपूर इस्तेमाल भी…

पानसरे, दाभोलकर और कलबुर्गी की हत्या: हत्या तार्किकता की

पानसरे, दाभोलकर और कलबुर्गी की हत्या: हत्या तार्किकता की

क्या आपने कभी किसी 3 वर्ष के बच्चे से पूछा है कि उसका धर्म क्या…

हिंदू इकॉनॉमिक्स: स्वदेशी के नाम पर सरमायेदारों को लाभ

हिंदू इकॉनॉमिक्स: स्वदेशी के नाम पर सरमायेदारों को लाभ

–अभय कुमार दुबे जब से भारत आजाद हुआ है, उसके सामने चुनौतियाँ बनी हुई हैं…

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ख़ास ख़ास

ख़ास ख़बर

बस्तर में टाटा का कारखाना नहीं तो जमीन भी क्यो?

बस्तर में टाटा का कारखाना नहीं तो जमीन भी क्यो?

छत्तीसगढ, 23 सितम्बर।़ छत्तीसगढ़ के बस्तर में टाटा कंपनी के मेगा स्टील प्लांट लगाने की 11 साल पुरानी योजना रद्द होने के बाद अब स्टील प्लांट के लिए…

भारत-पाक के बीच सिंधु जल समझौता: क्या रद्द होगा?

भारत-पाक के बीच सिंधु जल समझौता: क्या रद्द होगा?

सिंधु जल संधि को दो देशों के बीच जल विवाद पर एक सफल अंतरराष्ट्रीय उदाहरण बताया जाता है। 56 साल पहले भारत और पाकिस्तान ने इस समझौते पर…

नवजोत सिंह सिद्धू की ‘आवाज-ए-पंजाब’

नवजोत सिंह सिद्धू की ‘आवाज-ए-पंजाब’

पंजाब की राजनीति में एक नये राजनीतिक दल के गठन की सुगबुगाहट शुरू हुई है। पूर्व हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह के साथ मिलकर नवजोत सिंह सिद्धू ने ‘आवाज-ए-पंजाब’…

एयू जय रंगम- 2016

जयरंगम-2016: दर्शकों की कमी से जूझता दूसरा दिन

जयरंगम-2016: दर्शकों की कमी से जूझता दूसरा दिन

जयपुर। जयरंगम 2016। बिरला सभागार। 22 नवम्बर। जयरंगम में दूसरे दिन एक बार फिर दर्शकों की कमी खल रही थी। शायद…

‘किशन वर्सेज कन्हैया’: दर्शकों की कमी में शुरू हुआ ‘जयरंगम-2016’

‘किशन वर्सेज कन्हैया’: दर्शकों की कमी में शुरू हुआ ‘जयरंगम-2016’

जयपुर। जयरंगम 2016। बिरला सभागार। 21 नवम्बर। 21 नवम्बर की रात 10 बजे जब परेश रावल का नाटक देख कर बिरला…

दो सौ नुक्कड़ नाटकों की श्रृंखला की पहली कड़ी ‘दस्तक’

दो सौ नुक्कड़ नाटकों की श्रृंखला की पहली कड़ी ‘दस्तक’

जयपुर। पिछले रविवार 13 नवम्बर दोपहर 3 बजे से रामनिवास बाग स्थित सफदर हाशमी चौक से नुक्कड़ नाटकों के सोलह दिवसीय…

अर्थसत्ता

दुनिया में विकास राग का धमाल

दुनिया में विकास राग का धमाल

पूंजीवादी साजिशों का शिकार समाजवाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन चाहते हैं कि रूस को ‘सोवियत संघ’ वाली गरिमा प्राप्त हो जाये। विश्व में पुनः पूंजीवादी और समाजवादी…

सहारा को यह रकम कहां से मिली

सहारा को यह रकम कहां से मिली

नयी दिल्ली। सहारा सुप्रीमो ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सहारा समूह ने अपने सभी निवेशकों को 2 महीने के भीतर 23 हजार करोड़ लौटा दिये हैं।…

जिओ की सफलता इतनी आसान नहीं

जिओ की सफलता इतनी आसान नहीं

रिलायंस जियो के लॉन्च होने के बाद टेलिकॉम कंपनियों में घमासान मच गया है। देश की अन्य बड़ी टेलिकॉम कंपनियों एयरटेल, आईडिया और वोडाफोन के लिए रिलायंस…

पर्यावरण

प्रदूषणः उन्नाव में होगा मौत का ताण्डव

प्रदूषणः उन्नाव में होगा मौत का ताण्डव

उत्तर प्रदेश में उन्नाव के सदर क्षेत्र में औद्योगिक जल प्रदूषण के चलते स्थानीय लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। किसी के लिवर में…

भूटानः राजकुमार के जन्म पर एक लाख पेड़

भूटानः राजकुमार के जन्म पर एक लाख पेड़

38,000 वर्ग किलोमीटर में फैले मात्र पौने आठ लाख की आबादी वाले हिमालय की शृंखला में बसे भूटान की कुल ज़मीन का 60 प्रतिशत हिस्सा पेड़ों से…

पर्यावरण को नष्‍ट करने में भारत जिम्‍मेदार: मेनका गांधी

पर्यावरण को नष्‍ट करने में भारत जिम्‍मेदार: मेनका गांधी

विश्‍व मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन मामले में विकसित देशों को आड़े हाथ लिया था। पेरिस क्‍लाइमेट चेंज समिट में मोदी ने दो-टूक लहजे…

रंगमंच

राजनैतिक ‘बिसात’ पर लाशों की राजनीति

राजनैतिक ‘बिसात’ पर लाशों की राजनीति

जयपुर। 18 नवम्बर। स्थान रवींद्रमंच। ‘‘राजनीति जनता की भलाई के लिए होनी चाहिए’’ चाणक्य के इस आप्त वाक्य को वरिष्ठ रंगकर्मी हेमंत थपलियाल अपने नाटक ‘बिसात’ में…

फ्राइडे थिएटर में चाणक्य

फ्राइडे थिएटर में चाणक्य

जयपुर। स्थान-रवींद्रमंच। फ्राइडे थिएटर में इस बार वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक राही लिखित और निर्देशित नाटक ‘विष्णुगुप्त चाणक्य’ का मंचन किया गया। राही ने इसमें चाणक्य से जुड़े…

नाटक ‘पहला और आखिरी’: न्यायिक व्यवस्था पर कटाक्ष

नाटक ‘पहला और आखिरी’: न्यायिक व्यवस्था पर कटाक्ष

रवींद्रमंच पर बुधवार की शाम रूसी लेखक जॉन गॉल्सवर्दी के नाटक के हिंदी रूपांतरण ‘पहला और आखिरी’ का मंचन किया गया। सुनील माथुर निर्देशित इस नाटक में…

लहर

बर्फ और आग़

बर्फ और आग़

हिन्दी कविता में निदा नवाज़ को कम ही लोग जानते हैं लेकिन उनकी कविता का अपना एक विशेष स्थान है। निदा कश्मीर की प्रकृति और संस्कृति का…

ऐसा देश है मेरा! सोणा देश है मेरा!

ऐसा देश है मेरा!  सोणा देश है मेरा!

देखने से भले ही कहीं से न लगता हो, पर यह सच है कि आज़ादी के लिहाज से अपना देश सत्तरवें साल में प्रवेश कर कर गया…

वो अंतिम मोड़ था इस ज़िन्दगी का

वो अंतिम मोड़ था इस ज़िन्दगी का

पता मुझको मिला बस दुश्मनी का, बढ़ाया हाथ जब-जब दोस्ती का। भला मुझमें कोई कैसे ठहरता , नहीं था मैं ही शायद घर किसी का। पतंगों की…

फिल्म

क्या वाकई यह कबीर बेदी की आखिरी शादी है?

क्या वाकई यह कबीर बेदी की आखिरी शादी है?

मुंबई। पहले भी तीन बार शादी के बंधन में बंध चुके कबीर ने 70 साल की उम्र में 15 जनवरी को अपने करीबी दोस्तों और परिवार की…

पारिवारिक फिल्म है प्रेम रतन धन पायो

पारिवारिक फिल्म है प्रेम रतन धन पायो

आमतौर पर जब हम सलमान की फिल्म देखते हैं तो कहते हैं कि सम्पूर्ण तौर पर सलमान की फिल्म है मगर ‘प्रेम रतन धन पायो’ देखने के…

चार्ली के चक्कर में: रहस्य कथा

चार्ली के चक्कर में: रहस्य कथा

इस फिल्म की शुरुआत एक बेहद हॉट गीत से शुरू होती है। टाइटल्स से ही साफ होने लगता है कि फिल्म में रहस्य, ड्रग्स, माफिया, दोस्ती-दुश्मनी, नशे…

कारोबार

केन्द्रीय बजट 2015-16: प्रचार और हकीकत

केन्द्रीय बजट 2015-16: प्रचार और हकीकत

भारत में वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषणों जिन विशेष मुद्दों पर जोर दिया और अब उनसे निबटने के लिए आवंटित धन के बारे में बात कर…

एक फीसदी लोगों के पास 99 फीसदी दौलत

एक फीसदी लोगों के पास 99 फीसदी दौलत

दुनिया की आबादी की एक प्रतिशत सबसे अमीर लोगों की दौलत बाकी 99 फीसदी लोगों की कुल दौलत के बराबर है। गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने…

क्या हम काले धन के स्वागत को तैयार हैं?

क्या हम काले धन के स्वागत को तैयार हैं?

इंफोसिस के पूर्व निदेशक टीवी मोहनदास पई ने कहा है कि केंद्र सरकार की काला धन पता लगाने की रणनीति मजाक है, क्योंकि सरकार के पास अपराधियों…

परख

एक फौजी का इकबालिया बयान

एक फौजी का इकबालिया बयान

‘मेरे हाथ ख़ून से रंगे हैं‘ एक गुमनाम फौजी अफसर का इकबालिया बयान है जिसे कलमबद्ध किया है लेखक और पत्रकार किश्लय भट्टाचार्य ने। किश्लय ने सवाल…

‘जंगलनामा’-आदमी से आदमी तक

‘जंगलनामा’-आदमी से आदमी तक

‘जंगलनामा’-आदमी से आदमी तक की यात्रा ‘जल, जंगल, जमीन हमारा है’ यह आदिवासियों का राजनीतिक नारा मात्र नहीं है, भले ही इसका रास्ता राजनीति हो। यह आदिवासियों…

मृत्यु के पश्चात: ‘अपने भी अजनबी’

मृत्यु के पश्चात: ‘अपने भी अजनबी’

अब न तो अज्ञेय रहे और नाही उनका साहित्य पढ़ने वालों का महान वर्ग मौजूद है लेकिन नयी पीढ़ी के पाठकों को समय समय पर यह बताते…

विविधा

जेलों के सुरक्षाकर्मी मगरमच्छ

जेलों के सुरक्षाकर्मी मगरमच्छ

अब इंडोनेशिया में जेलों की सुरक्षा विशालकाय मगरमच्छों के हवाले होंगी। इंडोनेशिया में जेम्ब बॉन्ड की फिल्म ‘लिव एंड लेट डाई’ से प्रेरणा लेकर एंटी ड्रग एजेंसी…

अनजान को दिया किडनी का उपहार

अनजान को दिया किडनी का उपहार

एक महिला ने फेसबुक पर अपील पढ़कर एक अजनबी के लिए अपनी किडनी दान कर दी। जी हां, यह कारनामा दो बच्चों की मां ब्रिटेन की एक…

75 घर का गांव और 47 आईएएस

75 घर का गांव और 47 आईएएस

उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में माधोपट्टी एक ऐसा गांव है जहां से कई आईएएस और अफसर हैं। इस गांव में महज 75 घर हैं, लेकिन यहां के…