क्या यह मुलायम का रिटर्न गिफ्ट है

amitabh_thakur_ips_gets_return_giftलखनऊ, 12 जुलाई। समाजवादी पार्टी (सपा) सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धमकी देने की शिकायत करने वाले आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के खिलाफ एक महिला ने बलात्कार का केस दर्ज कराया है।

गोमतीनगर थाना प्रभारी सैयद मोहम्मद अब्बास ने बताया कि गाजियाबाद की निवासी एक महिला ने पुलिस महानिरीक्षक (नागर सुरक्षा) अमिताभ ठाकुर के खिलाफ धारा 376 (बलात्कार), 504 (अपमानित करने) और 506 (धमकाने) के तहत कल रात मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि ठाकुर की पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर को भी मामले में सह-अभियुक्त बनाया गया है। उन पर जुर्म में अपने पति का साथ देने का आरोप है।

अब्बास ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि पिछले साल नवंबर में नूतन गाजियाबाद आई थीं, जहां मुलाकात के दौरान उन्होंने उसे नौकरी दिलाने के लिए लखनऊ बुलाया था। महिला का इल्जाम है कि 31 दिसंबर की रात को वह अपने पति के साथ नूतन के लखनऊ स्थित घर गयी थी। नूतन ने उसे ठाकुर के कमरे में इंटरव्यू के लिए भेजा था, जहां उन्होंने उससे रेप किया था।

यह महज इत्तेफाक तो नहीं कि ठाकुर की मुलायम के खिलाफ रिपोर्ट के साथ ही उस महिला को याद आया कि उसके साथ 6 महीने पहले बलात्कार हुआ था। या फिर ठाकुर साहब को पता था कि यह महिला उनके खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने जारही है इसलिए उन्होंने मुलायम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी ताकि बाद में इसे बदला लेने की कार्यवाई बताया जा सके। अब यह तो जांच के बाद ही पता लगेगा।

इससे पहले मुलायम सिंह यादव द्वारा टेलीफोन पर कथित रूप से धमकाने का आरोप लगाने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने शनिवार को उनके खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दी।

ठाकुर ने शुक्रवार रात मीडिया को एक टेप जारी किया था, जिसमें कथित रूप से मुलायम सिंह यादव को उन्हें सुधर जाने अन्यथा गम्भीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए सुना गया था। अमिताभ की पत्नी तथा सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने आरोप लगाया कि जब उनके पति हजरतगंज कोतवाली में सपा मुखिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने गए तो कोतवाल विजयमल यादव ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया।

उन्होंने बताया कि अमिताभ के जोर देने पर कोतवाल ने शिकायत ले ली और कहा कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी। नूतन ने दावा किया कि उन्हें लगता है कि इस धमकी के पीछे उनके द्वारा खनन मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना मुख्य कारण है।