क्रूड ऑयल में गिरावट शुरू

petroleum_prices_goin_downनयी दिल्ली, 16 जुलाई। ईरान और दुनिया के 6 प्रभावशाली देशों के बीच हुए समझौते से विश्व बाजार में कच्चे तेल की दाम घटेंगे, जिससे भारत को फायदा होगा। इससे बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति काफी बढ़ जायेगी जिससे उसकी कीमतें तर्कसंगत स्तर पर होंगी जिसका भारत को सबसे ज्यादा फायदा होगा। कल ही भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में दो रुपये प्रति लीटर की कमी आयी है।

ईरान न्यूक्लियर डील होने के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आयी। न्यूक्लियर डील (परमाणु सौदा) की बदौलत तेहरान पर लगी पाबंदी में ढील दी जा सकती, लिहाजा ईरान से तेल निर्यात धीरे-धीरे बढ़ सकता है। ऐसी संभावनाओं का कच्चा तेल बाजार पर गहरा असर हुआ। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.6 फीसदी गिरकर 56.96 डॉलर प्रति बैरल रह गयी।

ईरान और दुनिया की 6 महाशक्तियों के बीच ऐतिहासिक न्यूक्लियर समझौता होने से ईरान को अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम पर लगी पाबंदी के मामले में कुछ राहत मिलेगी।
दरअसल इस पाबंदी ने ईरान के तेल उत्पादन की कमर तोड़ दी है, इसका निर्यात कम होकर आधा रह गया है और कई विकास परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। यह प्रतिबंध हटाये जाने के फैसले से दुनिया भर के पेट्रोलियम उत्पादों के आयातक देशों में बहुत उत्साह है।

विशलेषकों का कहना है कि पाबंदी में ढील दिये जाने के बावजूद ईरान को निर्यात क्षमता बढ़ाने में कई महीने लग जायेंगे। फिर भी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटेंगे क्योंकि मार्केट पहले से ही करीब 25 लाख बैरल रोजाना उत्पादन कर रहा है और जाहिर है, ईरान के मैदान में उतरने के बाद उत्पादन स्तर बहुत बढ़ जायेगा और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों मे भारी कमी आने की सम्भावना है।