व्यापमं: खननमंत्री के सहायक के पेरोल पर भाजपा नेता

sudhir_sharma_bhopalमध्यप्रदेश-भोपाल, 26 जुलाई। मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले में अब भी नये खुलासे होते जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार साल 2013 की इन्कम टैक्स रिपोर्ट के मुताबिक व्यापमं घोटाले में गिरफ्तार एक खनन उद्योगपति ने भाजपा और आरएसएस के शीर्ष नेताओं के हवाई टिकट और दूसरे खर्चों का बंदोबस्त किया था। इस मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने  आरोप लगाया कि पूरे मामले में इनकम टैक्स विभाग की भी मिलीभगत रही है।

खबर के मुताबिक करोड़पति सुधीर शर्मा और भाजपा के वरिष्ठ राजनेताओं के बीच पैसों का सीधा लेन-देन हुआ है। इसके बावजूद सीबीआई से पहले पिछले हफ्ते तक व्यापमं की जांच करती रही मध्य प्रदेश पुलिस ने इस बारे में कोई पड़ताल नहीं की थी। इस पर भाजपा की शायना एनसी ने कहा है कि पार्टी किसी को बचाने की कोशिश नहीं कर रही है। किसी एक रिपोर्ट पर भरोसा करने से अच्छा है कि सीबीआई जांच का इंतजार किया जाये।

2013 का यह दस्तावेज बताता है कि खनन और कई कॉलेज पर मालिकाना हक रखने वाले सुधीर शर्मा ने कुछ राजनेताओं के एयर-टिकट और अन्य खर्चों के लिए नकद भुगतान किया है। इन राजनेताओं में आरएसएस के सुरेश सोनी और राज्य भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष प्रभात झा का नाम शामिल हैं। यह रिपोर्ट उन दस्तावेजों का हिस्सा है जो सुधीर शर्मा के घर और दफ्तर पर छापा मारने के दौरान हासिल हुए हैं।

इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि मध्य प्रदेश के पूर्व खनन और शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और वर्तमान केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के यात्रा संबंधी बंदोबस्त के लिए भी सुधीर शर्मा ने पैसों का भुगतान किया है। सुधीर शर्मा 6 महीने तक गिरफ्तारी से बचते रहे लेकिन लक्ष्मीकांत शर्मा की हिरासत के एक महीने बाद जुलाई 2014 में सुधीर शर्मा को जेल भेज दिया गया। आरएसएस में अध्यापक और बाद में कॉलेज प्रोफेसर रहे सुधीर को लक्ष्मीकांत शर्मा ने 2000 के शुरूआती सालों में अपना सहायक बनाया था। लक्ष्मीकांत शर्मा के खनन मंत्री बनने के बाद ही सुधीर ने खनन की दुनिया में कदम रखा था।