प्रभु संग सेल्फी! लाइक्स जरूर देना

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—–अशोक गौतम—-
कल मैंने प्रभु से यों ही मिलने का गुहार लगायी। वे एकाएक प्रगट हो बोले, ‘‘कहो झोलाराम कैसे याद किया? कहीं व्यापमं घोटाले में पूछताछ के चक्कर में तुम तो नहीं पड़ गये?’’

‘‘नहीं प्रभु! लाख-लाख शुक्र है आपका, जो आपने मुझे सब कुछ दिल खोल कर दिया पर गलती से बुद्धि नहीं दी। अगर आप मुझे माशा भर भी बुद्धि दे देते तो कुछ पढ़, तो कुछ जुगाड़ कर एक-दो नकली-सकली डिग्रियां हासिल कर व्यापमं घोटाले का आरोपी बन या तो जेल में पड़ा होता या यमराज के चरणों में अपनी बेगुनाही के सबूत जुटा कर लाने के लिए एड़ियां रगड़ रहा होता।’’

‘‘तो क्या आज फिर गृहस्थी से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश करने से पहले मुझसे मिलना चाह रहे थे?’’

‘‘नहीं प्रभु! गृहस्थी तो सबसे बड़ा आश्रम है। चाहे सुबह शाम आपस में जूतम पैजार ही क्यों न होती रहे। जिसने गृहस्थी के थपेड़े सहन कर लिए, कहते हैं कि यमराज के नरक में उसके यमदूत भी उसे यातनाओं से तोड़ नहीं सकते।’’

‘‘तो फिर मुझे याद करने की वजह? कहो तो मैं भी तुम्हारे साथ तुम्हारे बेटे को योग्य नौकरी ढूंढ़ने में तुम्हारी मदद करूं?’’

‘‘नहीं प्रभु! उसके लिए मेरी एक नेता से बात चल रही है। बात फाइनल ही समझो बस!’’ मैंने कहा, ‘‘देह रूप में प्रभु आ ही गये हो तो मुझ पर एक उपकार कर दो बस’’ मैंने दोनों हाथ ऐसे जोड़े जैसे बहुधा बीवी के आगे जोड़े रहता हूं, तो वे हैरान होते बोले- ‘‘अरे मेरे दोस्त! जब तुम्हें कोई परेशानी ही नहीं तो तुझ पर क्या उपकार करूं?’’

‘‘अपने साथ एक सेल्फी हो जाये तो मैं सदेह भवसागर पार हो जाऊं’’, कह मैंने फटी जेब से ठीकरा मोबाइल निकाला तो वे विस्मित होते बोले, ‘‘सुल्फा तो जानता हूं पर ये सेल्फी क्या होती है मेरे यार?’’

‘‘प्रभु! जिस तरह नैतिक मूल्यों को छोड़ आज बाजारू मूल्यों का जमाना है, जिस तरह आस्थाओं के जायज गर्भ में अनास्थाएं फल-फूल रही हैं, सड़क से लेकर संसद तक लिव इन रिलेशनशिप का दौर चल रहा है, उसी तरह आजकल यहां वहां सारे जहान में सेल्फी का राज है, सेल्फी और सेल्फी तू जिंदाबाद! राजा भोज से लेकर गंगू तेली तक सब सेल्फी में मस्त हैं। मुरदा तक अंतिम संस्कार से पहले एक सेल्फी चाहता है जनाब! जीव है कि सोते हुए सेल्फी ले रहा है, जागते हुए सेल्फी ले रहा है, हंसते हुए सेल्फी ले रहा है, रोते हुए सेल्फी ले रहा है। अपने को ढोते हुए सेल्फी ले रहा है।’’

मैंने उनके साथ खड़े हो अपने मोबाइल से सेल्फी दे मारने के बाद उन्हें कहा, ‘‘सेल्फी के लिए थैंक यू प्रभु! अब देखना इसे फेस बुक पर डालते ही ओबामा को भी लाइक्स में न पछाड़ा तो मेरा नाम भी झोलाराम नहीं।’’