देवघर में भगदड़ः कांवड़ियों की मौत, सरकार जिम्मेदार

devdhar_stampede copyदेवघर-झारखंड, 10 अगस्त। झारखण्ड के देवघर में सोमवार सुबह मची भगदड़ में 11 कावंड़ियों की मौत हो गयी और 50 से ज्यादा कांवड़िए घायल हो गये। भगदड़ बाबाधाम मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर बेलाबगान मंदिर के पास मची। सावन के महीने में पूरे 30 दिन बाबाधाम मंदिर में भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए झारखंड-बिहार सहित देश के कई राज्यों और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों से हजारों भक्त कांवड़ लेकर आते हैं। सोमवार को भक्तों की संख्या लाखों में होती है।

मुख्य मंदिर से करीब 10 किलोमीटर दूर तक भक्तों की कतार लगी थी। थोड़े-थोड़े अंतराल पर बैरिकेड खोल कर कुछ संख्या में भक्तों को आगे बढ़ने देने की व्यवस्था थी। सोमवार सुबह करीब पौने पांच बजे जब बैरिकेड खुला तो बड़ी संख्या में बेलाबगान मंदिर के पास भक्त अचानक आगे बढ़ने लगे। वे कतार से अलग हो गये। उन्हें नियंत्रित करने के लिए वहां तैनात पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद भक्त बेतहाशा भागे और हादसा हो गया। इस महीने की शुरुआत में भी इसी मंदिर परिसर में भगदड़ हुई थी जिसमें 12 लोग घायल हुए थे।

सोमवार सुबह जल चढ़ाने के लिए करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। देवघर के डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि कावड़िए जलाभिषेक के लिए लाइन में लगे हुए थे। लाइन करीब 10 किलोमीटर लंबी थी। श्रद्धालुओं के बीच आगे जाने की होड़ लगी थी। इसी दौरान भगदड़ मच गयी।