भाजपा के राज में एक बार फिर प्याज की कीमतें बेकाबू

onion_prices_soar_highनयी दिल्ली, 23 अगस्त। एशिया की सबसे बड़ी प्याज की मंडी लासल गांव महाराष्ट्र में आज प्याज की थोक कीमत 57 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी जिसके कारण देश के अधिकतर शहरों मे प्याज की खुदरा कीमतों में जोरदार उछाल आने की सम्भावना है और जनता को एक बार फिर महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी।

देश की राजधानी दिल्ली और देश के अन्य बाजारों में प्याज की खुदरा दर 80 रुपये किलो तक हो गयी है जोकि अब नयी फसल आने तक नीचे उतरती दिखायी नहीं देती। नेेशनल हार्टिकल्चर रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के अनुसार लासल गांव में आज प्याज की थोक कीमत 55 से 57 रुपये हो गयी है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार प्याज की खुदरा कीमत दिल्ली में 66 रुपये, मुंबई में 50 रुपये, चेन्नई और कोलकता में 52 रुपये है। केन्द्रीय सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया हैै कि प्याज की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की जाये लेकिन प्याज उपलब्ध कराने के लिए कोई गम्भीर प्रयास नहीं किये गये हैैं।

जनता जानती है कि जमाखोरी और कालाबाजारी की वजह से प्याज की कीमतों में वृृद्धि हो रही है। दरअसल अटलबिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में भी प्याज की कीमत 100 रुपये किलो तक पहुंच गयी थी और अब दुबारा भारतीय जनता पार्टी के शासन में आने के बाद प्याज की कीमत बेकाबू हो गयी है जोकि व्यापारियों की पार्टी मानी जाती है।