राजनाथ सिंह नाराज हैं, मंत्रियों की बदजुबानी के लिए

raj_nath_singh_unhappy_1नयी दिल्ली, 24 ऑक्टोबर। पिछले दिनों भाजपा के नेता और केन्द्रीय मंत्री जिस प्रकार के गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं उससे भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कान पर जूं तक नहीं रेंगती हो लेकिन केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह परेशान हैं, नाराज हैं।

राजनाथ सिंह ने केंद्रीय मंत्रियों की बयानबाजी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें हिदायत दी है कि वे बदजुबानी से बचे। राजनाथ ने सख्त लहजे में कहा कि कोई ये कहकर नहीं बच सकता कि उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है।

राजनाथ ने केंद्रीय मंत्री और जनरल (पूर्व) वीके सिंह से कहा कि वे शब्दों का चयन करते वक्त संयम बरतें। नेताओं और मंत्रियों को चाहिए कि वे सोच समझकर किसी मुद्दे पर अपनी बात रखें।

राजनाथ ने सख्त लहजे में कहा कि कोई ये कहकर नहीं बच सकता कि उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा है कि सत्ता में बैठे लोगों से लोगों की अपेक्षाएं ज्यादा हैं और उन्हें पूरा करना है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के तीन मंत्री महेश शर्मा, किरण रिजीजू और वीके सिंह अपने बयानों को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गये हैं। तीनों नेता अपने बयानों पर सफाई दे चुके हैं लेकिन बावजूद इसके उनके बयानों पर हंगामा जारी है। ऐसे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने साथी मंत्रियों बयान देते वक्त ज्यादा सचेत रहने की नसीहत दी है।

सनद रहे कि एक थिंक टैंक के उद्घाटन कार्यक्रम में रिजीजू ने कहा था कि उत्तर भारतीय नियम-कायदे तोड़ने में गर्व महसूस करते हैं और उन्हें ऐसा करके मजा आता है।

वहीं दूसरी तरफ हरियाणा में दलित बच्चों को जलाये जाने की घटना पर केंद्रीय मंत्री और गाजियाबाद से बीजेपी सांसद वीके सिंह ने विवादास्पद बयान दिया है। वीके सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार का दलित बच्चों की मौत से कुछ लेना-देना नहीं है। मंत्री ने कहा कि अगर कोई कुत्ते को पत्थर मारे तो सरकार की जिम्मेदारी नहीं है।

और डॉ महेश शर्मा की बात तो नहीं करें तो ही ठीक है। वे शायद स्वयं नहीं जानते वे क्या कहते हैं या वे जानते हैं कि वे क्या और क्यों कह रहे हैं। वे संघ के कर्मठ कार्यकर्ता हैं और संघ ने सम्भवतया उन्हें यह दायित्व सौंपा है कि वे देश के साम्प्रदायिक तनाव के स्तर को बनाये रखें। वे अपना काम बड़ी मासूमियत के साथ बखूबी कर रहे हैं।