क्या वाकई यह कबीर बेदी की आखिरी शादी है?

kabir_bedi_4th_marriageमुंबई। पहले भी तीन बार शादी के बंधन में बंध चुके कबीर ने 70 साल की उम्र में 15 जनवरी को अपने करीबी दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में अलीबाग में अपनी करीबी दोस्त परवीन दुसांज के साथ विवाह रचाया। इससे पहले वह ओडिसी नृत्यांगना प्रोतिमा गौरी बेदी, ब्रिटिश मूल की फैशन डिजाइनर सुजेन हम्प्रेज और टीवी एवं रेडियो प्रस्तोता निकी बेदी के साथ भी वैवाहिक जीवन बिता चुके हैं। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री परवीन बाबी के साथ उनकी दोस्ती की खबरें भी किसी जमाने में अखबारों की सुर्खियां बनी थी। प्रख्यात अभिनेता कबीर बेदी इस शादी से बहुत खुश हैं। इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि यह उनकी आखिरी शादी है। कबीर ने अपने 70वें जन्मदिन पर 16 जनवरी को 42 वर्षीया परवीन से शादी करने की घोषणा कर सबको चौंका दिया था।

कबीर ने एक बयान में कहा, ‘‘आखिरी बार शादी करके खुश हूं। परवीन और मैं 10 सालों से साथ रह रहे हैं। इसलिए हमें शादी तो करनी ही थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक-दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताया और अब अपनी मीडिया कंपनी ‘बेदी मीडिया’ के जरिये भी हमारी योजना काफी काम करने की है। मुझे उनके परिवार को मनाने में दस साल लग गये। परवीन दुसांज बेदी मेरा प्यार हैं।’’

गौरतलब है कि कबीर बेदी की बेटी पूजा बेदी इस शादी पर ट्विटर पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उनकी नाराजगी साफ जाहिर हो रही थी। हालांकि बाद में पूजी ने अपना ट्वीट डिलीट करते हुए अपने पिता को शुभकामनाएं दी थीं। कबीर बेदी और उनकी पहली पत्नी प्रतिमा की बेटी पूजा इस शादी से खुश नहीं हैं। कबीर और उनकी पहली पत्नी प्रतिमा की बेटी पूजा स्तंभकार भी हैं और अपनी बात खुलकर सामने रखने के लिए जानी जाती हैं। पूजा ने शादी के तुरंत बाद 17 जनवरी को ट्वीट किया था, ‘‘हर परिकथा में एक दुष्ट चुड़ैल या शैतान सौतेली मां होती है। मेरी अभी-अभी आयी है। कबीर बेदी ने अभी-अभी परवीन दुसांझ से शादी की।’’ हालांकि पूजा ने बाद में यह ट्वीट हटाकर पिता को उनकी चौथी शादी के लिए शुभकामनाएं दीं, लेकिन लगता है कि कबीर ने पूजा की तीखी टिप्पणियों को लेकर उन्हें माफ नहीं किया है।

कबीर ने पूजा की तीखी टिप्पणियों को लेकर ट्विटर पर अपनी नाराजगी जतायी। उन्होंने लिखा, ‘‘हमारी शादी के तुरंत बाद परवीन दुसांझ के खिलाफ अपनी बेटी पूजा की तीखी टिप्पणियों से बहुत निराश हूं। गलत व्यवहार के लिए कोई बहाना नहीं चल सकता।’’