नाटक ‘पहला और आखिरी’: न्यायिक व्यवस्था पर कटाक्ष

01_09_2016रवींद्रमंच पर बुधवार की शाम रूसी लेखक जॉन गॉल्सवर्दी के नाटक के हिंदी रूपांतरण ‘पहला और आखिरी’ का मंचन किया गया। सुनील माथुर निर्देशित इस नाटक में एक वकील की गलत पैरवी के माध्यम से न्यायिक व्यवस्था पर कटाक्ष किया गया है। इसमें वकील विनय खन्ना की गलत पैरवी से बेगुनाह को फांसी की सजा हो जाती है। नाटक में अभिनय करने वाले कलाकारों की आत्मविश्वास भरी बॉडी लैंग्वेज और संवादों की स्पष्ट अदायगी ने दर्शकों को आकर्षित किया। यह प्रोग्राम आलारिपु संस्था के बैनर पर रंगकर्मी सिकंदर अब्बास के संयोजन में हुआ। मंच परिकल्पना एम. इलयास खान की थी। आर्ट कंजरवेटर मैमूना नर्गिस नाट्य संध्या की मुख्य अतिथि थीं। इसमें प्रवीण पुरी, पंकज सिनसिनवार और ज्योति शर्मा ने अभिनय किया।