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अम्बेडकर, मार्क्स और हीगल: जातिविहीन समाज की सम्भावना

-करोड़ी सिंह करोड़ी सिंह मानते हैं कि भीमराव अम्बेडकर ने भारत में जातिविहीन समाज की परिकल्पना की थी। हिन्दू धर्म की जाति व्यवस्था में उच्च…

राजनैतिक दर्शन के अभाव में भटके भारत के किसान आन्दोलन

इस वर्ष महान ऑक्टोबर क्रांति के 100 वर्ष हो रहे हैं। सोवियत संघ की इस जनक्रांति ने दुनिया भर के देशों में अपना प्रभाव छोड़ा…

आभास की आजादी बनाम आजादी की आभास

आभास की आजादी बनाम आजादी की आभास

पूंजीवादी जनवाद मनुष्य को स्वतंत्रता की एक आभासी दुनिया में ले जाता है और शनैः शनैः उसे दासता का इतना अभ्यस्त बना देता है कि…

बाबा साहब अम्बेडकर एवं हिन्दुत्व टोली

बाबा साहब अम्बेडकर एवं हिन्दुत्व टोली

इतिहास के पुनर्लेखन का काम जोर-शोर से चल रहा है। इतिहास के इस पुनर्लेखन को इतिहास का गला घोंटना कहना ज्यादा सही होगा, क्योंकि ंिहंदुत्व…

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में ‘असहिष्णुता’

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में ‘असहिष्णुता’

‘असहिष्णुता’ 2015 का काफी चर्चित शब्द रहा, और हर मंच पर इसका भरपूर इस्तेमाल भी हुआ। कभी कोई साहित्यकार बोला तो कभी कोई नेता और…

पानसरे, दाभोलकर और कलबुर्गी की हत्या: हत्या तार्किकता की

पानसरे, दाभोलकर और कलबुर्गी की हत्या: हत्या तार्किकता की

क्या आपने कभी किसी 3 वर्ष के बच्चे से पूछा है कि उसका धर्म क्या है? उसका उत्तर क्या था? हिन्दू, मुसलमान, सिख, जैन, बौद्ध…

हिंदू इकॉनॉमिक्स: स्वदेशी के नाम पर सरमायेदारों को लाभ

हिंदू इकॉनॉमिक्स: स्वदेशी के नाम पर सरमायेदारों को लाभ

–अभय कुमार दुबे जब से भारत आजाद हुआ है, उसके सामने चुनौतियाँ बनी हुई हैं और उसकी चिंता जारी है और लम्बे अरसे तक इस…

पर्यावरण को भी हिन्दुत्व का मामला बना रहे नायडू

पर्यावरण को भी हिन्दुत्व का मामला बना रहे नायडू

श्री श्री रविशंकर ने कहा कि वे नेशनल ग्रीन टिब्यूनल एनजीटी द्वारा लगाये गये जुर्माने का भुगतान नहीं करेंगे। इसके बजाय वे जेल जाना पसंद…

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